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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है पीठमें दरà¥à¤¦? जानिठपीठदरà¥à¤¦ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› आवशà¥à¤¯à¤• बातें
हम सà¤à¥€ ने जीवन में किसी ना किसी दरà¥à¤¦ को महसूस किया ही होगा। कà¥à¤› दरà¥à¤¦ à¤à¥‡à¤¸à¥‡ होते हैं जिनसे हमें ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी नहीं होती। वहीं कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के दरà¥à¤¦ हमारे दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के कामों में बाधा बन जाते हैं। और कई à¤à¤¸à¥‡ दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हैं जो हमारे लिठà¤à¤• बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ खड़ी कर देते हैं और हमें डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता लेनी पड़ती है। आज मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² की टीम बात करने जा रही है à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ की जिसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से हममें से कई लोग परिचित हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं पीठदरà¥à¤¦ की। इस बिंदॠपर बात करने से पहले आइठसबसे पहले जानते हैं रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› बातें।
रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€, जिसे बैकबाॅन (backbone) या सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² काॅलम (spinal column) à¤à¥€ कहा जाता है, हमारे शरीर के सबसे मज़बूत à¤à¤¾à¤—ों में गिनी जाती है। यह 24 हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी होती है जिसे वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾ (vertebrae) कहा जाता है जो à¤à¤• दूसरे के ऊपर होती हैं। इनके बीच में डिसà¥à¤• और इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ लिगामेनà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और मांसपेशियां मौजूद होती हैं।
पीठदरà¥à¤¦-à¤à¤• सामानà¥à¤¯ लेकिन असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾
à¤à¤• सà¥à¤–द जीवन जीने के लिठरीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सही रहना बेहद ज़रूरी है। इसका दरà¥à¤¦ कà¤à¥€-कà¤à¥€ इतना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बन जाता है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सरà¥à¤œà¤°à¥€ तक करवानी पड़ जाती है। हालांकि à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› ही मौकों पर होता है लेकिन फिर à¤à¥€ हमें पीठके मामले में सतरà¥à¤•ता बरतनी चाहिà¤à¥¤ पीठदरà¥à¤¦ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयà¥-वरà¥à¤— के लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° वाले लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर देखने को मिलती है। दरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ ऊपरी à¤à¤¾à¤— (upper back pain) तथा निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ (lower back pain) में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से देखने को मिलता है।
कà¥à¤› लोगों को इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• या दो दिन के लिठहोती है जो अपनेआप या घरेलॠनà¥à¤¸à¥à¤–ों के माधà¥à¤¯à¤® से ठीक हो जाती है। कई लोगों को इस तरह की परेशानी कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक à¤à¥€ हो सकती है जिसमें दरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ अचानक से महसूस होता है। यदि आप à¤à¥€ पीठमें दरà¥à¤¦ से परेशान हैं जो कि तीन दिन बाद à¤à¥€ ठीक नहीं हो रहा है, तो ज़रूरत है कि आप डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। बेहतर सहायता के लिठमेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² के कà¥à¤¶à¤² डाॅकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ से संपरà¥à¤• करें।
कà¥à¤¯à¤¾ हैं पीठदरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£?
इस पà¥à¤°à¤•ार का दरà¥à¤¦ पीठके किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ कà¤à¥€-कà¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और पैरों तक à¤à¥€ जा सकता है। मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ होना à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। बिना किसी वजह के शरीर का वज़न गिरना à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है। इसके अलावा इस परिसà¥à¤¥à¤¤à¤¿ में बà¥à¤–ार à¤à¥€ आ जाता है।
अब मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बात की जाठपीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ की, इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कई लोगों को सीधे खड़े होने में तकलीफ का सामना करना पड़ता है। यदि मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन (muscle spasm) हो जाती है, जो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ होता है जिसके कारण चलने, उठने या घूमने में बड़ी परेशानी हो जाती है। यदि कमर में अकड़न हो, तो à¤à¤¸à¥‡ में पीठको हिलाने में या सीधी करने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िलें हो सकती हैं।
वैसे तो कई मौकों पर यह दरà¥à¤¦ घरेलॠनà¥à¤¸à¥à¤–ों और देखà¤à¤¾à¤² से दूर हो जाता है। लेकिन यदि यह आराम करने के बावजूद नहीं जाता और इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक रहता है, तो बेहतर है कि आप डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। कà¥à¤› मौके à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जिनमें पीठदरà¥à¤¦ के साथ à¤à¤• या दोनों पैरों में कमज़ोरी या सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बन जाती है। कà¥à¤› अनà¥à¤¯ पीठदरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£ हैं पीठमें दरà¥à¤¦ के साथ पेशाब करने में परेशानी या फिर किसी चोट लगने या गिरने के बाद दरà¥à¤¦ महसूस होना।
जानिठपीठदरà¥à¤¦ के कारण
पीठदरà¥à¤¦ की परेशानी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से हो सकती है। आइठजानते हैं उनके बारे में उपयोगी जानकारी के साथ।
1. मांसपेशियों या लिगामेनà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में तनाव
इस तरह की परिसà¥à¤¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के कारणों में से à¤à¤• मानी जाती है। यह वज़नदार वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को बार-बार उठाने या फिर à¤à¤•दम किसी तरह के अनचाहे मूवमेनà¥à¤Ÿ की वजह से हो सकती है। मांसपेशियों में तनाव किसी गतिविधि को बार-बार करने से à¤à¥€ हो सकता है। और कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ परिसà¥à¤¤à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं जहां लिगामेनà¥à¤Ÿ में मोच आ जाती है या फिर यह टूट जाता है और पीठमें दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
2. आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Arthritis)
यह जोड़-संबंधी बीमारी है जिसके 100 से à¤à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤•ार हैं और उनमें से पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥¤ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दरà¥à¤¦ के अलावा सूजन और असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। यह हमारे जोड़ों के कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाती है। समय के साथ-साथ ये सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देती है जिसका विवरण नीचे किया गया है।
3. सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Spinal Stenosis)
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दरà¥à¤¦ तब होता है जब सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² केनाल तंग हो जाती है जिस जगह पर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा जड़ें (nerve roots) होती हैं। इस तरह की तंगी विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की होती हैं और कई मौकों पर डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता लेना आवशà¥à¤¯à¤• हो जाता है। पीठदरà¥à¤¦ के इलाज के लिठआज ही मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² पधारें और उचित इलाज पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
4. आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Osteoporosis)
यह हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से संबंधित à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसमें हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमज़ोर हो जाती है। आॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ पीठदरà¥à¤¦ का कारण तब बन सकती है जब सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² काॅलम (रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€) में कमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° हो। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विचलित कर देने वाली है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रोज़मरà¥à¤°à¤¾ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ हो सकती है।
5. साईटिका (Sciatica)
साइटिका उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहा जाता है जब पीठमें दरà¥à¤¦ साइटिक नस की वजह से होता है। साइटिक नस सबसे बड़ी और लंबी नस है जो हमारे पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ से होती हà¥à¤ˆ दोनों पैरों में पहà¥à¤‚चती है। यदि किसी वजह से इस नस पर दबाव पड़ता है तो पीठके निचले सिरे में दरà¥à¤¦ होने लगता है जो कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और पैरों में à¤à¥€ फैल सकता है।
6. फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° (Fracture)
यदि हडà¥à¤¡à¥€ टूट जाती है या अपनी जगह से खिसक जाती है, तो यह à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के कारण में से à¤à¤• हो सकती है। पीठके बल गिरने पर या किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के बाद यदि आपको पीठमें दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से ज़रूर मिलें।
7. गलत जीवनशैली (Improper Lifestyle)
यदि आप अपना सीटिंग पोसà¥à¤šà¤° सही नहीं रखते हैं, तो याद रखें यह à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। लैपटाॅप या कंपà¥à¤¯à¥‚टर पर काम करते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•कर ना बैठें। कमर को सीधा रखें अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ इससे कमर के साथ-साथ कंधों से जà¥à¥œà¥€ परेशानियां à¤à¥€ हो सकती हैं।
8. सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोलिसà¥à¤¥à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸
यदि फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤šà¤° की वजह से रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजा़ेर हो जाती है, तो à¤à¤¸à¥‡ मौकों पर वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾ (vertebrae) खिसकने लगती है जिसकी वजह से दरà¥à¤¦ और कठोरता जैसी परेशानियां देखने को मिलती है।
9. डिसà¥à¤•-संबंधी परेशानी (Disc-Related Problems)
हमारी पीठमें कई डिसà¥à¤• मौजूद रहती हैं जो कि वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤°à¤¾, यानि रीॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की छोटी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कà¥à¤¶à¤¨ करने में सहायक होती हैं। यह डिसà¥à¤• पीठमें अपनी जगह से हट सकती हैं और नस पर दबाव बन सकता हैं। यहां तक कि ये डिसà¥à¤• टूट à¤à¥€ सकती है जिसे हरà¥à¤¨à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• के नाम से जाना जाता है।
10. अनà¥à¤¯ परेशानियां
बताठगठकारणों के अलावा à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं जिनके कारण पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जैसे कि फेसेट जाॅइंट डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨ (facet joint dysfunction) सेकà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤²à¤¿à¤à¤• जाॅइंट डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨ (sacroiliac joint dysfunction) à¤à¤‚किलोसिंग सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलाइटिस (ankylosing spondylitis) ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (osteomyelitis) आदि।
किन लोगों में पीठदरà¥à¤¦ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है?
इसके अलावा à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लोग हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीठमें दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जैसे कि वे लोग जिनके शरीर का वज़न अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• होता है। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है कि धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को इस तरह की परेशानी हो सकती है। जो लोग आसीन जीवन शैली (sedentary lifestyle) वà¥à¤¯à¤¤à¥€à¤¤ करते हैं या वे लोग जिनकी फिज़िकल फिटनेस अचà¥à¤›à¥€ नहीं होती, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ पीठमें दरà¥à¤¦ का सामना करना पड़ सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¥€ इस तरह का दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पीठदरà¥à¤¦ से जà¥à¥œà¥‡ उपचार विकलà¥à¤ª
कई लोगों को इस तरह की परिसà¥à¤¥à¤¤à¤¿ में चिड़चिड़ापन हो सकता है और à¤à¤¸à¤¾ होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• à¤à¥€ है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पीठदरà¥à¤¦ होने से कई तरह की बाधाà¤à¤‚ आ सकती हैं। à¤à¤• या दो दिन के लिठदरà¥à¤¦ का आना-जाना आम बात है। लेकिन इससे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अवधि होने पर आपको डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले लेनी चाहिà¤à¥¤
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सहायता
जब आप डाॅकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚गे, तो वे आपसे पीठमें दरà¥à¤¦ से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› सवाल पूछ सकते हैं। इसके अलावा वे फिज़िकल à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤¼à¤® के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ आंकलन कर सकते हैं। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ टेसà¥à¤Ÿ मौजूद हैं जिनकी मदद से पीठसे जà¥à¥œà¥€ परेशानियों के बारे में पता चल सकता है। जैसे कि à¤à¤®.आर.आई., सी.टी. सà¥à¤•ैन, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ या फिर à¤à¤•à¥à¤¸-रे। à¤à¤¸à¥‡ मौकों पर बà¥à¤²à¤¡ या यूरीन टेसà¥à¤Ÿ की à¤à¥€ सलाह दी जा सकती है।
पीठदरà¥à¤¦ का इलाज
1. सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की देखà¤à¤¾à¤²
कà¥à¤› घरेलॠउपाय हैं जिनके माधà¥à¤¯à¤® से कमर में दरà¥à¤¦ में आराम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकता है। जैसे कि बरà¥à¤« या गरà¥à¤® सेक करना। बरà¥à¤« की मदद से जहां सूजन कम होती है, वहीं गरà¥à¤® सेक खून के बहाव को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देता है और टिशूस को रिलेकà¥à¤¸ करने में मदद करता है। इसी के साथ-साथ शरीर को आराम à¤à¥€ दीजिà¤, लेकिन बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥€ नहीं। कà¥à¤› लोग समà¤à¤¤à¥‡ हैं कि बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दरà¥à¤¦ में फायदा मिलेगा, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। इस तरह की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण दरà¥à¤¦ और à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾ हो सकता है।
2. दवाईयां
अगर ऊपर बताई गई बातों से फायदा नहीं मिल रहा है, तो अगला विकलà¥à¤ª है दवाईयां। डाॅकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से आप कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ दवाईयों का सेवन कर सकते हैं जो दरà¥à¤¦ से आराम दिलाने में सहायक हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के इलाज के लिठइंजेकà¥à¤¶à¤¨ का उपयोग à¤à¥€ किया जा सकता है।
3. फिज़िकल थैरेपी
à¤à¤¸à¥‡ मौकों पर फिज़िकल थैरेपी à¤à¥€ बहà¥à¤¤ उपयोगी है। इसकी मदद से कमर की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं, गतिशीलता सà¥à¤§à¤°à¤¤à¥€ है और दरà¥à¤¦ में आराम मिलता है। मसाज थैरेपी, योगा, à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚पंकà¥à¤šà¤°, आदि à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ के लिठउपयोगी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ माने जाते हैं।
4. सरà¥à¤œà¤°à¥€
जब सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो जाती है और दवाईयों, इंजेकà¥à¤¶à¤¨ या थैरेपी से मरीज़ को फायदा नहीं पहà¥à¤‚चता, तो पीठदरà¥à¤¦ के इलाज के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ का à¤à¥€ उपयोग करना पड़ सकता है। कमर से जà¥à¥œà¥€ कई पà¥à¤°à¤•ार की सरà¥à¤œà¤°à¥€ मौजूद हैं। दरà¥à¤¦ का जो कारण होता है उस पà¥à¤°à¤•ार डाॅकà¥à¤Ÿà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सहायता लेते हैं।
पीठदरà¥à¤¦ से कैसे बचें?
1. वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
पीठदरà¥à¤¦ के इलाज के लिठबेहद ज़रूरी चीज़ है à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन जीना। इसलिठकोशिश कीजिठअपने आप को दà¥à¤°à¥‚सà¥à¤¤ और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखने की। अपने जीवन में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ दें। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ आधा से à¤à¤• घणà¥à¤Ÿà¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¥› करें जिससे आपके शरीर को मज़बूती à¤à¥€ मिलेगी और वज़न à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहेगा। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¥› हैं जो खासतौर से पीठको मज़बूत बनाने में उपयोगी हैं। लेकिन हां, किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¥› करने से पहले कृपया डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर लें।
2. बेहतर डाइट
अपने खानपान पर à¤à¥€ गौर करें और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤“ं का सेवन करें। इस तरह की जीवनशैली अपनाने से आप कई तरह की परेशानियों से बच सकते हैं। खासतौर से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअपनी डाइट में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन डी की मातà¥à¤°à¤¾ ज़रूर लें।
3. दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के कामों में देखà¤à¤¾à¤²
सिरà¥à¤« बैठते समय ही नहीं, कोशिश करें कि जब आप खड़े हों तब à¤à¥€ आपकी बाॅडी लाइन बिलà¥à¤•à¥à¤² सही अवसà¥à¤¥à¤¾ में हो। जैसे कि पीठबिलà¥à¤•à¥à¤² सीधी, दोनों पैर पीठकी सीध में, और दोनों पैरों में वज़न बराबर रहे। इसके अलावा जब की कोई चीज़ उठाà¤à¤‚ खासतौर से à¤à¤¾à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚, तो उठाते समय ही ना घूमें। उठाते समय सीधा देखें, ऊपर या नीचे नहीं। à¤à¤¸à¥‡ ही जब डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤¿à¤‚ग करें तो à¤à¥€ सही तरह से बैठने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें।
और हां, यह बात ऊपर à¤à¥€ बताई जा चà¥à¤•ी है कि दरà¥à¤¦ को ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ ना करें बलà¥à¤•ि डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से उचित सलाह लें। मेवाड़ हाॅसà¥à¤ªà¥€à¤Ÿà¤² की टीम में बेहतरीन और काबिल आॅरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨à¥à¤¸ और नà¥à¤¯à¥‚रोसरà¥à¤œà¤¨ हैं जो आपको à¤à¤¸à¥‡ मौकों पर सहायता करेंगे। याद रखें, कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी à¤à¥€ तरह की परेशानी होने पर उसे ना छà¥à¤ªà¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से वो परेशानी आने वाले समय में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॠसकती है। इसलिठइन बातों को अपने जीवन में महतà¥à¤¤à¥à¤µ दें और मेडिकल सहायता के लिठहमारी टीम से संपरà¥à¤• करें।
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